प्रमुख कार्य


उच्च शिक्षा निदेशालय द्वारा सम्पादित किये जा रहे प्रमुख कार्यों का विवरण

क.

अशासकीय महाविद्यालयों से सम्बन्धित कार्य:-
1.

शिक्षकों तथा शिक्षणेतर कर्मचारियों के वेतन भुगतान हेतु अनुदान का आवंटन किया जाना।

2.

शैक्षिक एवं शिक्षणेतर के नये पदों के सृजन सम्बन्धी कार्यवाही, रिक्त होने वाले पदों का सततीकरण, पदों का स्थायीकरण तथा तदर्थ शिक्षकों का विनियमितीकरण।

3.

शिक्षकों तथा शिक्षणेतर कर्मचारियों का वेतन निर्धारण, चयन वेतनमान स्वीकृत किया जाना तथा वेतन सम्बन्धी विवाद का निस्तारण।

4.

सभी कर्मचारियों की पेन्शन स्वीकृति, सामान्य भविष्य निधि से अग्रिम की स्वीकृति तथा सेवानिवृत्ति पर भविष्य निधि की राशि का अंतिम भुगतान।

5. नये महाविद्यालयों के खोले जाने के प्रस्ताव तथा पूर्व से चल रहे महाविद्यालयों में नये संकाय/विषयों का खोला जाना।
6.

महाविद्यालयों के विकास हेतु यू०जी०सी० द्वारा स्वीकृत अनुदान के प्रति मैचिंग शेयर तथा विकास हेतु अन्य अनुदान दिये जाने के लिए शासन को संस्तुतियां प्रेषित करना तथा स्वीकृत अनुदान को अवमुक्त कर उपभोग की स्थिति सुनिश्चित करना।

7.

महाविद्यालयों का आडिट कराना तथा आडिट आपत्तियों का निराकरण, अनियमितताओं की जांच कराना, विभिन्न श्रोतों से शासन को प्राप्त शिकायतों की जांच कराना तथा तदनुसार कार्यवाही कराना।

8.

महाविद्यालय में प्राधिकृत नियंत्रक/प्रशासक नियुक्त किये जाने से सम्बन्धित कार्यवाही।

9.

महाविद्यालयों के अध्यापकों की वर्तमान रिक्तियों और आने वाले शिक्षा वर्ष के दौरान संभावित रिक्तियों की सूचना महाविद्यालयों से प्राप्त करना।

10. सूचित रिक्तियों की विषयवार समेकित सूची (अधियाचन) उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग को विज्ञापन एवं चयन हेतु प्रेषित करना।
11. उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग द्वारा चयनित एवं संस्तुत अभ्यर्थियों को रिक्तियों की निर्दिष्ट सूची में से आसन-व्यवस्था कर अभ्यर्थियों का नाम प्रबन्ध तन्त्र को नियुक्ति हेतु प्रेषित करना।
12. प्रकीर्ण संस्थाओं को सहायक अनुदान प्रदान किया जाना।
13. शिक्षणेतर कर्मचारियों को अनुमोदन प्रदान किया जाना।
   
ख. राजकीय महाविद्यालयों से सम्बन्धित कार्य:-
1. राजकीय महाविद्यालयों का वार्षिक बजट तैयार करना, शिक्षकों की तैनाती/स्थानान्तरण तथा प्रोन्नति के मामले।
2. राजकीय महाविद्यालयों के शिक्षकों एवं प्राचार्यों के विरूद्ध शिकायतों की जांच एवं अनुशासनिक/प्रशासनिक कार्यवाही।
3. नये पदों का सृजन तथा नये राजकीय महाविद्यालयों का खोला जाना।
4. शिक्षकों/कर्मचारियों को विभिन्न प्रकार के अवकाश की स्वीकृति।
5. शिक्षकों/कर्मचारियों की पेन्शन, भविष्य निधि तथा विभिन्न प्रकार के अग्रिम की स्वीकृति।
6. महाविद्यालयों के विकास हेतु अनावर्तक/आवर्तक अनुदान की स्वीकृति।
   
ग. प्रदेश के अशासकीय तथा राजकीय महाविद्यालयों के शिक्षकों तथा शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के वेतनमानों के पुनरीक्षित होने की दशा में शिक्षकों, बर्सरों, कार्यालय अधीक्षकों, पुस्तकालयाध्यक्षों, उप पुस्तकालयाध्यक्षों तथा कोआर्डिनेटरों के वेतन निर्धारण का कार्य उच्च शिक्षा निदेशालय द्वारा सम्पन्न किया जाता है।
घ. अशासकीय/शासकीय महाविद्यालयों से सम्बन्धित न्यायालयों में चल रहे वादों की पैरवी।
ड. छात्रों को विभिन्न प्रकार की छात्रवृत्तियों की स्वीकृति, छात्रवृत्ति का नवीनीकरण, ऋण छात्रवृत्ति की वसूली।
च. उच्च शिक्षा से सम्बन्धित सभी प्रकार के आंकड़े एकत्रित करना और विकास हेतु योजना बनाना।
छ. उच्च शिक्षा का वार्षिक बजट तैयार करना।
ज. विश्वविद्यालयों से सम्बन्धित पेन्शन कार्य।
झ. महाविद्यालयों में रोवर्स/रेंजर्स के कार्यक्रमों का संचालन।
त्र. राजकीय महाविद्यालयों के शिक्षकों/प्राचार्यों/कर्मचारियों का प्रशिक्षण कार्य भी निदेशालय द्वारा किया जाता है।
ट. विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों से सम्बन्धित समस्याओं के सम्बन्ध में शासन को परामर्श देना एवं उनसे सम्बन्धित विधान मण्डल में उठाये गये प्रश्नों इत्यादि के सम्बन्ध में आवश्यक कार्यवाही की जाती है।
ठ. असेवित क्षेत्रों में शासकीय/स्ववित्त पोषित महाविद्यालयों की स्थापना का कार्य।
ढ. महाविद्यालयों का उच्चीकरण एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य।

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